
देहरादून के पंडितवाड़ी क्षेत्र स्थित उपासना एन्क्लेव कॉलोनी में अमृत योजना के बाद से करीब पिछले छह वर्षों से पेयजल के कम प्रेशर की गंभीर समस्या बनी हुई है। हालात यह हैं कि सुबह-शाम जब घरों में पानी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, तब भी नलों में पानी का प्रेशर लगभग नगण्य रहता है। इससे कॉलोनी के सैकड़ों परिवारों को रोजमर्रा के कामों में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
10 मार्च 2026 को सुबह करीब 11 बजे Uttarakhand Jal Sansthan के पिथुवाला कार्यालय से अभियंताओं की एक टीम ने कॉलोनी का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने स्थानीय निवासियों से बातचीत की और मौके पर स्थिति का जायजा लिया। बताया जा रहा है कि इंजीनियरों ने भी मौके पर माना कि कॉलोनी में पानी के प्रेशर की समस्या गंभीर है और इसके स्थायी समाधान के लिए एक छोटे ट्यूबवेल की स्थापना आवश्यक हो सकती है।
ट्यूबवेल के लिए स्थान भी चिन्हित
स्थानीय निवासी महेश पाठक,मोहन बुलानी, मनीष चहल व विलियमजी के अनुसार निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को ट्यूबवेल लगाने के लिए एक उपयुक्त स्थान भी दिखाया गया, जिसे इंजीनियरों ने तकनीकी रूप से उपयुक्त बताया। निवासियों का कहना है कि यदि उस स्थान पर ट्यूबवेल स्थापित किया जाता है तो पूरे क्षेत्र की पानी के प्रेशर की समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है।
अब क्षेत्र के लोग मांग कर रहे हैं कि ट्यूबवेल स्थापना की प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए, ताकि वर्षों से चली आ रही इस समस्या से राहत मिल सके।
क्या अमृत योजना के बाद बढ़ी समस्या?
स्थानीय लोगों का दावा है कि इलाके में पानी के प्रेशर की समस्या तभी से शुरू हुई जब मुख्य पाइपलाइन
AMRUT Scheme (Atal Mission for Rejuvenation and Urban Transformation) के तहत डाली गई।
इसी को लेकर कई तकनीकी सवाल भी उठ रहे हैं:
क्या पाइपलाइन बिछाने से पहले हाइड्रोलिक या तकनीकी सर्वे किया गया था?
क्या यह आकलन किया गया था कि इस इलाके के लिए 4-इंच की मुख्य पाइपलाइन पर्याप्त होगी?
जल स्रोत से छोड़े जाने वाले पानी का वास्तविक प्रेशर कितना होता है?
क्या वही प्रेशर 4-इंच पाइपलाइन में भी बना रहता है या पाइप के व्यास के कारण प्रेशर कम हो जाता है?
परियोजना की DPR और स्वीकृति पर भी सवाल
इस मामले में स्थानीय स्तर पर परियोजना से जुड़े कई दस्तावेजों की जानकारी भी मांगी गई है। इसमें विशेष रूप से शामिल हैं:
परियोजना की Detailed Project Report (DPR)
पाइपलाइन डिजाइन से संबंधित Hydraulic Calculation
4-इंच पाइपलाइन को मंजूरी देने वाले अधिकारी या अभियंता का नाम
पाइपलाइन बिछाने से पहले किया गया तकनीकी सर्वे
निवासियों का कहना है कि यदि पाइपलाइन के डिजाइन या क्रियान्वयन में तकनीकी कमी के कारण पानी का प्रेशर प्रभावित हुआ है, तो जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
सैकड़ों परिवारों को राहत का इंतजार
उपासना एन्क्लेव के निवासियों का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से इस समस्या को लेकर विभाग के समक्ष आवाज उठा रहे हैं। अब उम्मीद की जा रही है कि निरीक्षण के बाद विभाग ट्यूबवेल स्थापना और पाइपलाइन डिजाइन की समीक्षा पर जल्द निर्णय लेगा।
कॉलोनी के लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे इस मुद्दे को उच्च अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक भी उठाएंगे।