13000 करोड़ रूपये से नवनिर्मित दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस वे की कहानी बया करती है एक्सप्रेस की ताज़ा तस्वीरे,एक तस्वीर पिछले दिनों सोशल मिडिया मे खूब छाई रही,जिसमे नवनिर्मित सडक के बीच मे 3 फिट गहरा गड्डा दिखाई दे रहा है.

त्रिभुवन चौहान नामक व्यक्ति ने वीडियो बनाकर सबको शेयर किया था,नवनिर्मित सडक की गुणवक्ता को लेकर अनेको सवाल उठ रहे है,NHAI के द्वारा एक्सप्रेस वे के टेंडर निकाले गए ये टेंडर वासिष्ठा कम्पनी,रामकुमार कंपनी,केआरसी कंपनी व अन्य कंपनी को आवंटित किये गए,वासिष्ठा जैसी कंपनी ने यही टेंडर सब कॉन्ट्रैक्टर को आगे दे दिए,अब कुछ सवाल खड़े हो जाते है की क्या जिन कंपनियों को वासिष्ठा कम्पनी ने निर्माण कार्य दिया क्या वो कंपनियों के पास पूर्व मे कोई ब्रिज या सडक निर्माण प्रयाप्त अनुभव नहीं था या फिर बिना अनुभव के हि ये निर्माण कार्य उन अनुभवहीन कंपनी को दिया गया है.

सडक जगह जगह से उखड़ने लगी है,गणेशपुर के पास फ्लाई ओवर मे तो जगह जगह पानी एकत्रित हो रखा है और पानी की उचित निकासी ना होने के कारण भविष्य मे यही पानी फ्लाई ओवर के लिए काल बनकर ना सामने आये.

सडक के चौड़ीकरण के लिए जो पहाड़ काटे गए थे,ठेकेदारो द्वारा कामचलाऊ निर्माण कार्य किया जा रहा है जिसके फलस्वरूप पहाड़ो का मलबा पहली बरसात मे हि सडक पर आ के गिरा है, मलबा गिरने से रोकने के लिए लोहे का जाल भी निम्न स्तर का प्रयोग मे लाया जा रहा है उसका परिणाम सबके सामने है.

उक्त ठेकेदारों द्वारा गुणवत्ता के सभी नियमो को टाक मे रखकर निर्माण कार्य किया जा रहा है, आशारोड़ी मे नवनिर्मित सडक जगह जगह से उखड़ रही है ठेकेदार ने कितनी घटिया किस्म का सडक का निर्माण किया है सबके सामने है, प्रधानमंत्री जी के ड्रीम प्रोजेक्ट को ये सभी ठेकेदार मिलकर जैसे चुना लगा रहे है नवनिर्मित दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस वे को देखकर पता चलता है.

अब ये आवश्यक हो गया है की NHAI इस निर्माण कार्य की उच्च कोटि की व उच्च स्तरीय जाँच कराये जिससे दूध का दूध पानी का पानी सबके सामने आ जाये और अगर कोई देहरादून NHAI का अधिकारी उक्त कम्पनीयों को शरण दे रहा है तो उस अधिकारी पर भी नियमनुसार कार्यवाही होनी चाहिए.
NHAI को चाहिए की वो उक्त ठेकेदारो की निर्माण कार्य की गुणवक्ता हेतु उच्च स्तरीय जाँच कराये बिना फाइनल पेमेन्ट पर रोक लगाए जिससे की उक्त कम्पनीयों की मनमानी पर रोक लग सके व उक्त कंपनीयों पर नियमनुसार लगाम कसी जा सके और प्रधानमंत्रीजी के ड्रीम प्रोजेक्ट मे चार चाँद लग सके.