BJP के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बने नितिन नबीन, बिहार में हैं कैबिनेट मंत्री

भारतीय जनता पार्टी में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने के बाद बिहार सरकार में मंत्री नितिन नबीन को लेकर एक नया सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या अब उन्हें मंत्री पद छोड़ना पड़ेगा? और अगर ऐसा हुआ, तो नगर विकास एवं आवास तथा पथ निर्माण जैसे बेहद अहम विभाग किसके हाथ में जाएंगे? यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि भाजपा में लंबे समय से एक व्यक्ति-एक पद की नीति लागू करने की बात कही जाती रही है।

नितिन नबीन को भाजपा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के साथ ही उनका कद पार्टी में राष्ट्रीय स्तर पर काफी बढ़ गया है। यह पहली बार है जब बिहार के किसी नेता को भाजपा संगठन में इतनी बड़ी और प्रभावशाली जिम्मेदारी सौंपी गई है। ऐसे में माना जा रहा है कि अब उन्हें अपना पूरा समय संगठन के काम में देना होगा, जिसके चलते मंत्री पद पर बने रहना मुश्किल हो सकता है। भाजपा के भीतर यह परंपरा रही है कि बड़े संगठनात्मक पद पर रहते हुए सरकार में मंत्री पद नहीं रखा जाता।

भाजपा औपचारिक तौर पर भले ही हर मामले में तुरंत फैसला न लेती हो, लेकिन “वन पर्सन–वन पोस्ट” का सिद्धांत पार्टी की कार्यशैली का अहम हिस्सा रहा है। नितिन नबीन के मामले में भी यही नीति लागू होती है या नहीं, इस पर सबकी नजर है। हालांकि, पार्टी सूत्रों का कहना है कि फिलहाल कोई तात्कालिक दबाव नहीं है, लेकिन आने वाले समय में कैबिनेट विस्तार या फेरबदल के दौरान यह फैसला लिया जा सकता है। यानी नितिन नबीन कुछ समय तक दोनों जिम्मेदारियां निभा सकते हैं, लेकिन लंबे समय तक ऐसा चलना मुश्किल माना जा रहा है।

वर्तमान में नितिन नबीन के पास बिहार सरकार के दो बेहद महत्वपूर्ण विभाग हैं, पथ निर्माण विभाग और नगर विकास एवं आवास विभाग। पथ निर्माण विभाग राज्य में सड़क, पुल और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी परियोजनाओं का केंद्र है, जिसमें हजारों करोड़ रुपये का सालाना काम होता है। वहीं नगर विकास एवं आवास विभाग शहरी निकायों, स्मार्ट सिटी, आवास योजनाओं और शहरी विकास की रीढ़ माना जाता है। इन दोनों विभागों का राजनीतिक और प्रशासनिक महत्व इतना बड़ा है कि इन्हें किसी भी तरह हल्के में नहीं लिया जा सकता

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