उत्तराखंड पंचायत चुनाव का फाइनल रिजल्ट आ चुका है, जिसके बाद पंचायत चुनाव की तस्वीर पूरी तरह साफ हो चुकी है. बीजेपी की झोली में ही सबसे ज्यादा सीटें आई हैं. वहीं कांग्रेस ने भी पंचायत चुनाव में अच्छा प्रदर्शन किया है. इसके अलावा निर्दलीय उम्मीदवारों को भी जनता ने बंपर सीटें दी हैं.
राज्य निर्वाचन आयोग से मिले आंकड़ों पर गौर करें तो बीजेपी ने कुल 122 सीटें जीती हैं. वहीं कांग्रेस के 80 प्रत्याशी जनता का विश्वास जीतने में कामयाब रहे हैं. अब बीजेपी हो या कांग्रेस दोनों ही दल निर्दलीयों की तरफ टकटकी लगाए देख रहे हैं.
देखा जाए तो बीजेपी ने जिला पंचायत सदस्य के लिए 315 समर्थित उम्मीदवार मैदान में उतारे थे. वहीं कांग्रेस के 198 अधिकृत समर्थित प्रत्याशी थे. इसके अलावा कांग्रेस ने 32 अन्य प्रत्याशियों को अपना समर्थन दिया था. अब बीजेपी कह रही है कि उन्होंने जिला पंचायत सदस्य की 122 नहीं, बल्कि 216 सीटें जीती हैं.
दरअसल, जो प्रत्याशी बीजेपी से बागी होकर चुनाव लड़े थे, अब बीजेपी उन्हें भी दोबारा से अपने पाले में लाने में लगी हुई है. उत्तराखंड बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता मनवीर सिंह चौहान ने कहा है कि सभी रूठे हुए उम्मीदवार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की विचारधारा और विकास के साथ आगे बढ़ेंगे. आने वाले कुछ दिनों में यह पिक्चर पूरी तरह से साफ हो जाएगी.
वहीं कांग्रेस भी बीजेपी वाली थ्योरी पर काम कर रही है. कांग्रेस का भी यही कहना है कि उन्हें जिला पंचायत सदस्य की 80 नहीं, बल्कि 160 सीटें मिली हैं. कांग्रेस का मानना है कि कई ऐसे निर्दलीय उम्मीदवार हैं, जो उनकी पार्टी की संपर्क में हैं, वो कांग्रेस की विचारधारा से ताल्लुक रखते हैं.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा का कहना है कि बीजेपी सरकार ने भले ही पंचायत चुनाव में जीत के लिए हर हथकंडा अपनाया हो, लेकिन कांग्रेस ने शुद्ध रूप से विचारधारा और बीजेपी के झूठ को पर्दाफाश करके जनता के दिल में जगह बनाई है.